| सुनीता जैन (सहायक आचार्य) महात्मा गाँधी बी. एड. कॉलेज (जी.जी.टी.यु.) शोधकर्ता एजुकेशन (एकलव्य विश्व विद्यालय) |
शोध सारांश
यह शोध पत्र शिक्षा में जीवन-मूल्य ज्ञान की आवश्यकता पर केंद्रित है। वर्तमान समय में भौतिक प्रगति के साथ नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों का ह्रास स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। ऐसे में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि चरित्र निर्माण, मानवीय गुणों का विकास और समाज में नैतिक संतुलन स्थापित करना होना चाहिए।
जीवन मूल्य ज्ञान शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी न केवल बौद्धिक रूप से अपितु भावनात्मक एवं सामाजिक रूप से भी परिपक्व बनते हैं। यह शिक्षा व्यक्ति को सत्य, अहिंसा, सहिष्णुता, सहयोग, प्रेम, करुणा, अनुशासन जैसे मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाती है।
शोध में यह प्रतिपादित किया गया है कि जीवन मूल्य आधारित शिक्षा ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का आधार बन सकती है। इस दिशा में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो अपने आचरण एवं शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में मूल्यों का विकास कर सकते हैं।
