राजस्थान की बदलती पर्यटन नीतियाँ एवं उनके प्रभाव : एक विस्तृत विश्लेषण

भगवती मेहता
शोधार्थी (भूगोल विभाग)
महात्मा ज्योतिराव फूले विश्वविद्यालय
जयपुर

Abstract

राजस्थान भारत के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अग्रणी स्थान रखता है। ऐतिहासिक दुर्गों, राजप्रासादों, हवेलियों, मरुस्थलीय परिदृश्य, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, लोककलाओं तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण यह राज्य देश-विदेश के लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। वैश्वीकरण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के विकास, पर्यटकों की बदलती आवश्यकताओं, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा सतत विकास की अवधारणा ने पर्यटन क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन उत्पन्न किए हैं। इन परिवर्तनों के अनुरूप राजस्थान सरकार ने समय-समय पर अपनी पर्यटन नीतियों में संशोधन करते हुए उन्हें अधिक व्यावहारिक, निवेशोन्मुख तथा पर्यावरण-संवेदी बनाया है। प्रस्तुत शोध-पत्र में राजस्थान की प्रमुख पर्यटन नीतियों का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए उनके उद्देश्यों, विशेषताओं तथा आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन पूर्णतः द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है तथा इसमें सरकारी नीतिगत दस्तावेजों, वार्षिक प्रतिवेदनों, शोध-पत्रों एवं प्रामाणिक प्रकाशनों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि यदि पर्यटन विकास को पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदाय की भागीदारी तथा आधुनिक तकनीकी नवाचारों के साथ संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाए तो राजस्थान भविष्य में वैश्विक स्तर पर सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन का एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

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