माध्यमिक अध्यापकों में निष्पादन के आयामों पर लिंग और आत्म-प्रभावकारिता के प्रभावों का अध्ययन

अभय वीर सिंह
शोधार्थी, शिक्षा विभाग
हि.प्र.वि.वि.
शिमला (हिमाचल प्रदेश)
प्रो. अजय कुमार अत्री
आचार्य, शिक्षा विभाग
हि.प्र.वि.वि.
शिमला (हिमाचल प्रदेश)

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन में अध्यापकों में निष्पादन के आयामों पर लिंग और आत्म-प्रभावकारिता के प्रभावों का परीक्षण किया गया है। न्यादर्श के रूप में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, सोलन, बिलासपुर और कांगडा के राजकीय विद्यालयों एवं अध्यापकों का चयन यादृच्छिक न्यादर्श विधि द्वारा किया गया। जिसमें राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की कक्षा 6 से 10 तक अध्यापन करने वाले 276 अध्यापकों को सम्मिलित किया गया। अध्ययन में प्रदत्तां के संकलन हेतु मापनी के रूप में स्वनिर्मित अध्यापक निष्पादन मापनी और सूद एवं सेन (2017) द्वारा निर्मित अध्यापक आत्म-प्रभावकारिता मापनी का प्रयोग किया गया। प्रस्तुत अध्ययन में निष्कर्ष के रूप में प्राप्त हुआ कि पुरुष व महिला माध्यमिक अध्यापक में निष्पादन आयामों ’योजना एवं क्रियांवयन, शिक्षण दक्षता, कक्षा वातावरण और व्यावसायिक उत्तरदायित्व’ में एक समानता है। माध्यमिक अध्यापकों में निष्पादन आयामों पर आत्म-प्रभावकारिता के उच्चए मध्यमऔर निम्न स्तर का सार्थक महत्त्वपूर्ण प्रभाव है। पुरुष व महिला माध्यमिक अध्यापकों के निष्पादन आयामों ’योजना एवं क्रियांवयन, शिक्षण दक्षता, कक्षा वातावरण और व्यावसायिक उत्तरदायित्व’ पर आत्म-प्रभावकारिताका अंतःक्रियात्मक प्रभाव नहीं है।

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