जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग आधारित मास्टर प्लानः एक समकालीन अध्ययन

Kabbu Meena
Research Scholar (Geography)
R.R. Morarka Govt. College
Jhunjhunu (Rajasthan)
Prof. Maan Singh
Department of Geography
R.R. Morarka Govt. College
Jhunjhunu (Rajasthan)

Abstract

वर्तमान समय में तीव्र शहरीकरण की प्रवृत्तियों ने पारंपरिक ‘स्थिर‘ समग्र विकास योजनाओं की सीमाओं को स्पष्ट कर दिया है, जो वास्तविक समय के परिवर्तनों और जटिल स्थानिक डेटा को आत्मसात करने में असमर्थ सिद्ध होती हैं। प्रस्तुत शोध पत्र शहरी नियोजन के एक नवीन प्रतिमान-‘गतिशील भू-स्थानिक नियोजन‘-का विश्लेषण करता है। यह अध्ययन विशेष रूप से ‘भौगोलिक सूचना प्रणाली‘ (जीआईएस) और ‘सुदूर संवेदन‘ तकनीकों के एकीकरण पर केंद्रित है, जो अंतरिक्ष-आधारित और वायुमंडलीय डेटा अधिग्रहण के माध्यम से नियोजन प्रक्रिया को अधिक सटीक और वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है। शोध के अंतर्गत उन्नत स्थानिक विश्लेषण विधियों, जैसे ‘वस्तु-आधारित प्रतिबिंब विश्लेषण‘ और ‘पूर्वानुमानित प्रतिरूपण‘ के माध्यम से भूमि उपयोग और भूमि आवरण के विन्यास का गहन मूल्यांकन किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह पत्र अवसंरचनात्मक तंत्र के अनुकूलन, ‘शहरी ऊष्मीय द्वीप‘ के प्रभाव को न्यून करने हेतु सूक्ष्म-जलवायु प्रबंधन, और आपदा जोखिम न्यूनीकरण की रणनीतियों पर प्रकाश डालता है। अध्ययन का निष्कर्ष यह प्रतिपादित करता है कि एकीकृत ‘स्थानिक निर्णय समर्थन प्रणाली‘ न केवल डेटा-संचालित शासन को सुदृढ़ करती है, बल्कि भविष्य के नगरों को अधिक लचीला, सुरक्षित और संधारणीय बनाने के लिए एक अनिवार्य तकनीकी अधिष्ठान भी प्रदान करती है।

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