Author name: Kamaljeet Singh

अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन और उसके पर्यावरणीय प्रभावों का समग्र विश्लेषण

वर्षा दीक्षित शोधार्थी (भूगोल विभाग)श्री खुशालदास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) डॉ. जयदेव प्रसाद शर्मासह आचार्य (भूगोल विभाग)श्री खुशालदास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) Abstract वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की अवधारणा अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो गई है। प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन ने पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों […]

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अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन और उसके पर्यावरणीय प्रभावों का समग्र विश्लेषण

वर्षा दीक्षित शोधार्थी (भूगोल विभाग)श्री खुशालदास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) डॉ. जयदेव प्रसाद शर्मासह आचार्य (भूगोल विभाग)श्री खुशालदास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) Abstract वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की अवधारणा अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो गई है। प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन ने पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों

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Changing Trends of Urbanization in Sikar District of Rajasthan from 1991 to 2021

PratishthaResearch Scholar (Geography)R.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Prof. Maan SinghDepartment of GeographyR.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Abstract Urbanization is one of the most important demographic and spatial processes reshaping the districts and cities of Rajasthan, leading to significant changes in regional economic structure, settlement morphology, and service concentration. Sikar district, located in the Shekhawati region,

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PratishthaResearch Scholar (Geography)R.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Prof. Maan SinghDepartment of GeographyR.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Abstract Urbanization is one of the most important demographic and spatial processes reshaping the districts and cities of Rajasthan, leading to significant changes in regional economic structure, settlement morphology, and service concentration. Sikar district, located in the Shekhawati region,

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जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग आधारित मास्टर प्लानः एक समकालीन अध्ययन

Kabbu MeenaResearch Scholar (Geography)R.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Prof. Maan SinghDepartment of GeographyR.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Abstract वर्तमान समय में तीव्र शहरीकरण की प्रवृत्तियों ने पारंपरिक ‘स्थिर‘ समग्र विकास योजनाओं की सीमाओं को स्पष्ट कर दिया है, जो वास्तविक समय के परिवर्तनों और जटिल स्थानिक डेटा को आत्मसात करने में असमर्थ सिद्ध होती हैं।

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जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग आधारित मास्टर प्लानः एक समकालीन अध्ययन

Kabbu MeenaResearch Scholar (Geography)R.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Prof. Maan SinghDepartment of GeographyR.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Abstract वर्तमान समय में तीव्र शहरीकरण की प्रवृत्तियों ने पारंपरिक ‘स्थिर‘ समग्र विकास योजनाओं की सीमाओं को स्पष्ट कर दिया है, जो वास्तविक समय के परिवर्तनों और जटिल स्थानिक डेटा को आत्मसात करने में असमर्थ सिद्ध होती हैं।

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वैश्विक परिदृश्य के साहित्यिक जगत में जनसंचार की भूमिका

प्रो. इसाबेला लकड़ाप्राध्यापक (हिन्दी)शासकीय माता शबरी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालयबिलासपुर (छ.ग.) प्रो. हीरालाल शर्मानिदेशकपं. सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालयबिलासपुर (छ.ग.) Abstract वैश्विक परिदृश्य में जनसंचार माध्यमों से सम्पूर्ण दुनिया के लगभग सभी विकसित और विकासशील देशों में पढ़ा जाता है। यह कार्य इतनी पूर्णता और तीव्रता से किया जाता है कि एक सदीं पहले इसकी कल्पना भी

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वैश्विक परिदृश्य के साहित्यिक जगत में जनसंचार की भूमिका

प्रो. इसाबेला लकड़ाप्राध्यापक (हिन्दी)शासकीय माता शबरी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालयबिलासपुर (छ.ग.) प्रो. हीरालाल शर्मानिदेशकपं. सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालयबिलासपुर (छ.ग.) Abstract वैश्विक परिदृश्य में जनसंचार माध्यमों से सम्पूर्ण दुनिया के लगभग सभी विकसित और विकासशील देशों में पढ़ा जाता है। यह कार्य इतनी पूर्णता और तीव्रता से किया जाता है कि एक सदीं पहले इसकी कल्पना भी

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नगरीकरण से भूमि उपयोग के बदलते स्वरूप का अध्ययनः जयपुर महानगर के संदर्भ में (1991-2011)

Ankita AgarwalResearch Scholar (Geography)R.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Prof. Maan SinghDepartment of GeographyR.R. Morarka Govt. CollegeJhunjhunu (Rajasthan) Abstract यह अध्ययन 1991 से 2011 के बीच जयपुर महानगर में नगरीकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप भूमि उपयोग के बदलते स्वरूप का विश्लेषण करता है। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि शहरी विस्तार ने निर्मित क्षेत्र, कृषि

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नगरीकरण से भूमि उपयोग के बदलते स्वरूप का अध्ययनः जयपुर महानगर के संदर्भ में (1991-2011)

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