Author name: Kamaljeet Singh

विभिन्न विषयों में आधारित नागपुरी गीत

डॉ. रामजय नाईकसहायक प्राध्यापक (नागपुरी भाषा विभाग)जगन्नाथ नगर महाविद्यालय, धुर्वाराँची (झारखण्ड) Abstract गीत, मानव के जीवन में अह्म भूमिका निभाती है। यह लोगों के जीवन में मनोरंजन के साथ-साथ खुशी, उमंग,उल्लास, रीति-रिवाज एवं सुख-दुःख में साथ देने वाला एक गेय रचना है। इसे लोग अपने दैनिक जीवन में कई तरह से प्रयोग में लाते हैं। […]

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विभिन्न विषयों में आधारित नागपुरी गीत

डॉ. रामजय नाईकसहायक प्राध्यापक (नागपुरी भाषा विभाग)जगन्नाथ नगर महाविद्यालय, धुर्वाराँची (झारखण्ड) Abstract गीत, मानव के जीवन में अह्म भूमिका निभाती है। यह लोगों के जीवन में मनोरंजन के साथ-साथ खुशी, उमंग,उल्लास, रीति-रिवाज एवं सुख-दुःख में साथ देने वाला एक गेय रचना है। इसे लोग अपने दैनिक जीवन में कई तरह से प्रयोग में लाते हैं।

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पश्चिमी नारीवाद बनाम गांधीवादी नारीवाद

Dr. Kumari PamilaAsst. Prof. (Political Science)A.S. College, DeogharJharkhand Abstract यह शोध-पत्र पश्चिमी नारीवाद तथा भारतीय संदर्भ में विकसित गांधीवादी नारीवाद के बीच तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। नारीवाद को सामान्यतः एक ऐसी विचारधारा के रूप में समझा जाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है (Hooks, 2000)। विस्तृत

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पश्चिमी नारीवाद बनाम गांधीवादी नारीवाद

Dr. Kumari PamilaAsst. Prof. (Political Science)A.S. College, DeogharJharkhand Abstract यह शोध-पत्र पश्चिमी नारीवाद तथा भारतीय संदर्भ में विकसित गांधीवादी नारीवाद के बीच तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। नारीवाद को सामान्यतः एक ऐसी विचारधारा के रूप में समझा जाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है (Hooks, 2000)। विस्तृत

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भारत में भूस्वामित्व एवं जोताकार का कृषि विकास पर प्रभाव

दीपिका स्वर्णकार सहायक प्रोफेसर (भूगोल)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) डॉ. अनिल कुमार सिन्हाप्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (भूगोल विभाग)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) Abstract भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि उत्पादन को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों में भूमि

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दीपिका स्वर्णकार सहायक प्रोफेसर (भूगोल)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) डॉ. अनिल कुमार सिन्हाप्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (भूगोल विभाग)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) Abstract भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि उत्पादन को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों में भूमि

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सतत औद्योगिक विकास की संभावनाएँ: कोटपूतली–बहरोड़ (जिले) में हरित प्रौद्योगिकी का मूल्यांकन

अज़हरुद्दीन(शोधार्थी)श्री खुशाल दास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) डॉ. सतीश चन्द्रशोध निर्देशक, सहायक आचार्य (भूगोल)श्री खुशाल दास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) Abstract औद्योगिक विकास को प्रायः किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का आधार माना जाता है। विशेष रूप से औद्योगिकीकरण भारत जैसे विकासशील देश में आर्थिक सुदृढ़ता, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन व आय वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण पक्षों को बढ़ावा

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अज़हरुद्दीन(शोधार्थी)श्री खुशाल दास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) डॉ. सतीश चन्द्रशोध निर्देशक, सहायक आचार्य (भूगोल)श्री खुशाल दास विश्वविद्यालयहनुमानगढ़ (राजस्थान) Abstract औद्योगिक विकास को प्रायः किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का आधार माना जाता है। विशेष रूप से औद्योगिकीकरण भारत जैसे विकासशील देश में आर्थिक सुदृढ़ता, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन व आय वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण पक्षों को बढ़ावा

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सावित्रीबाई फुले से महात्मा गांधी तक : सतत् विकास हेतु लैंगिक समानता में योगदान का विश्लेषण

सुश्री रेखा कुमारीशोधार्थीकला, शिक्षा व सामाजिक विज्ञान संकायजय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर (राज)अतिथि सहायक आचार्यअर्थशास्त्र विभागराजकीय महाविद्यालय पिड़ावा झालावाड (राज) Abstract प्रस्तुत शोध पत्र में देश के महान्  राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान के अंतर्गत महान् समाजसुधारको  सावित्रीबाई फुले, सहित ज्योतिबा फुले, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी इत्यादि के लैंगिक समानता में योगदान

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सावित्रीबाई फुले से महात्मा गांधी तक : सतत् विकास हेतु लैंगिक समानता में योगदान का विश्लेषण

सुश्री रेखा कुमारीशोधार्थीकला, शिक्षा व सामाजिक विज्ञान संकायजय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर (राज)अतिथि सहायक आचार्यअर्थशास्त्र विभागराजकीय महाविद्यालय पिड़ावा झालावाड (राज) Abstract प्रस्तुत शोध पत्र में देश के महान्  राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान के अंतर्गत महान् समाजसुधारको  सावित्रीबाई फुले, सहित ज्योतिबा फुले, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी इत्यादि के लैंगिक समानता में योगदान

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