जनजातीय लोकगीतों में प्रकृति चित्रण
डॉ. रामजय नाईकसहायक प्राध्यापक (नागपुरी भाषा विभाग)जगन्नाथ नगर महाविद्यालय, धुर्वाराँची (झारखण्ड) Abstract प्रकृति, जो सदियों से हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे समाज, हमारे अस्तित्व को रेखांकित करता है। हमारे जंगल, नदियाँ, महासागर और मिट्टी हमें वह भोजन प्रदान करते हैं जो हम खाते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जिस पानी से हम अपनी फसलों […]
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