Author name: Kamaljeet Singh

जनजातीय लोकगीतों में प्रकृति चित्रण

डॉ. रामजय नाईकसहायक प्राध्यापक (नागपुरी भाषा विभाग)जगन्नाथ नगर महाविद्यालय, धुर्वाराँची (झारखण्ड) Abstract प्रकृति, जो सदियों से हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे समाज, हमारे अस्तित्व को रेखांकित करता है। हमारे जंगल, नदियाँ, महासागर और मिट्टी हमें वह भोजन प्रदान करते हैं जो हम खाते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जिस पानी से हम अपनी फसलों […]

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जनजातीय लोकगीतों में प्रकृति चित्रण

डॉ. रामजय नाईकसहायक प्राध्यापक (नागपुरी भाषा विभाग)जगन्नाथ नगर महाविद्यालय, धुर्वाराँची (झारखण्ड) Abstract प्रकृति, जो सदियों से हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे समाज, हमारे अस्तित्व को रेखांकित करता है। हमारे जंगल, नदियाँ, महासागर और मिट्टी हमें वह भोजन प्रदान करते हैं जो हम खाते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जिस पानी से हम अपनी फसलों

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महिला आरक्षण बिल की दशा एवं दिशा: एक समकालीन विश्लेषण

Dr. Kumari PamilaAsst. Prof. (Political Science)A.S. College, DeogharJharkhand Abstract भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लंबे समय से सीमित रही है, जबकि वे जनसंख्या का लगभग आधा हिस्सा हैं। महिला आरक्षण बिल इस असमानता को दूर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह शोध-पत्र महिला आरक्षण बिल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति (दशा) और

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महिला आरक्षण बिल की दशा एवं दिशा: एक समकालीन विश्लेषण

Dr. Kumari PamilaAsst. Prof. (Political Science)A.S. College, DeogharJharkhand Abstract भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लंबे समय से सीमित रही है, जबकि वे जनसंख्या का लगभग आधा हिस्सा हैं। महिला आरक्षण बिल इस असमानता को दूर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह शोध-पत्र महिला आरक्षण बिल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति (दशा) और

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विभिन्न विषयों में आधारित नागपुरी गीत

डॉ. रामजय नाईकसहायक प्राध्यापक (नागपुरी भाषा विभाग)जगन्नाथ नगर महाविद्यालय, धुर्वाराँची (झारखण्ड) Abstract गीत, मानव के जीवन में अह्म भूमिका निभाती है। यह लोगों के जीवन में मनोरंजन के साथ-साथ खुशी, उमंग,उल्लास, रीति-रिवाज एवं सुख-दुःख में साथ देने वाला एक गेय रचना है। इसे लोग अपने दैनिक जीवन में कई तरह से प्रयोग में लाते हैं।

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विभिन्न विषयों में आधारित नागपुरी गीत

डॉ. रामजय नाईकसहायक प्राध्यापक (नागपुरी भाषा विभाग)जगन्नाथ नगर महाविद्यालय, धुर्वाराँची (झारखण्ड) Abstract गीत, मानव के जीवन में अह्म भूमिका निभाती है। यह लोगों के जीवन में मनोरंजन के साथ-साथ खुशी, उमंग,उल्लास, रीति-रिवाज एवं सुख-दुःख में साथ देने वाला एक गेय रचना है। इसे लोग अपने दैनिक जीवन में कई तरह से प्रयोग में लाते हैं।

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पश्चिमी नारीवाद बनाम गांधीवादी नारीवाद

Dr. Kumari PamilaAsst. Prof. (Political Science)A.S. College, DeogharJharkhand Abstract यह शोध-पत्र पश्चिमी नारीवाद तथा भारतीय संदर्भ में विकसित गांधीवादी नारीवाद के बीच तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। नारीवाद को सामान्यतः एक ऐसी विचारधारा के रूप में समझा जाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है (Hooks, 2000)। विस्तृत

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पश्चिमी नारीवाद बनाम गांधीवादी नारीवाद

Dr. Kumari PamilaAsst. Prof. (Political Science)A.S. College, DeogharJharkhand Abstract यह शोध-पत्र पश्चिमी नारीवाद तथा भारतीय संदर्भ में विकसित गांधीवादी नारीवाद के बीच तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। नारीवाद को सामान्यतः एक ऐसी विचारधारा के रूप में समझा जाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है (Hooks, 2000)। विस्तृत

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भारत में भूस्वामित्व एवं जोताकार का कृषि विकास पर प्रभाव

दीपिका स्वर्णकार सहायक प्रोफेसर (भूगोल)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) डॉ. अनिल कुमार सिन्हाप्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (भूगोल विभाग)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) Abstract भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि उत्पादन को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों में भूमि

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भारत में भूस्वामित्व एवं जोताकार का कृषि विकास पर प्रभाव

दीपिका स्वर्णकार सहायक प्रोफेसर (भूगोल)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) डॉ. अनिल कुमार सिन्हाप्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (भूगोल विभाग)राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयअंबिकापुर (छत्तीसगढ़) Abstract भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि उत्पादन को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों में भूमि

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