Author name: Kamaljeet Singh

ਸੁਰਿੰਦਰ ਨੀਰ ਦੇ ਨਾਵਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਸ਼ਮੀਰੀ ਸਭਿਆਚਾਰ

ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰਸਹਾਇਕ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰਪੰਜਾਬੀ ਵਿਭਾਗਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮਨਫੂਲ ਸਿੰਘਖੋਜ ਵਿਦਿਆਰਥੀਪੰਜਾਬੀ ਵਿਭਾਗਦਿੱਲੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਖੋਜ ਸਾਰ ਇਸ ਖੋਜ ਲੇਖ ਦਾ ਸੰਬੰਧ ‘ਧਰਤੀ ਉਤੇ ਸਵਰਗ’ ਕਹੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰ ਕਸ਼ਮੀਰ ਨਾਲ ਹੈ। ਕਿਸੇ ਵੀ ਖਿੱਤੇ ਨੂੰ ਸਮਝਣ ਲਈ ਉਸ ਖਿੱਤੇ ਦਾ ਸਭਿਆਚਾਰ ਅਹਿਮ ਭੁਮਿਕਾ ਅੱਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਲੇਖ ਵਿੱਚ ਕਸ਼ਮੀਰੀ ਸਭਿਆਚਾਰ ਦਾ ਗਹਿਰਾਈ ਨਾਲ ਅਧਿਐਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਕਸ਼ਮੀਰੀ […]

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ਸੁਰਿੰਦਰ ਨੀਰ ਦੇ ਨਾਵਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਸ਼ਮੀਰੀ ਸਭਿਆਚਾਰ

ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰਸਹਾਇਕ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰਪੰਜਾਬੀ ਵਿਭਾਗਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮਨਫੂਲ ਸਿੰਘਖੋਜ ਵਿਦਿਆਰਥੀਪੰਜਾਬੀ ਵਿਭਾਗਦਿੱਲੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਖੋਜ ਸਾਰ ਇਸ ਖੋਜ ਲੇਖ ਦਾ ਸੰਬੰਧ ‘ਧਰਤੀ ਉਤੇ ਸਵਰਗ’ ਕਹੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰ ਕਸ਼ਮੀਰ ਨਾਲ ਹੈ। ਕਿਸੇ ਵੀ ਖਿੱਤੇ ਨੂੰ ਸਮਝਣ ਲਈ ਉਸ ਖਿੱਤੇ ਦਾ ਸਭਿਆਚਾਰ ਅਹਿਮ ਭੁਮਿਕਾ ਅੱਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਲੇਖ ਵਿੱਚ ਕਸ਼ਮੀਰੀ ਸਭਿਆਚਾਰ ਦਾ ਗਹਿਰਾਈ ਨਾਲ ਅਧਿਐਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਕਸ਼ਮੀਰੀ

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डिजिटल युग में पर्यटनः सोशल मीडिया और ऑनलाइन बुकिंग का प्रभाव

उदय कुमाररिसर्च स्कॉलरशिक्षा संकाय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालयझाँसी (उत्तर प्रदेश) शोध सारांश वर्तमान युग को ‘डिजिटल युग’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ संचार, सूचना और सेवाएँ इंटरनेट एवं तकनीकी माध्यमों पर आधारित हो चुकी हैं। इसका प्रभाव पर्यटन क्षेत्र पर भी गहराई से पड़ा है। परंपरागत पर्यटन व्यवस्थाओं के स्थान पर अब सोशल मीडिया और

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उदय कुमाररिसर्च स्कॉलरशिक्षा संकाय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालयझाँसी (उत्तर प्रदेश) शोध सारांश वर्तमान युग को ‘डिजिटल युग’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ संचार, सूचना और सेवाएँ इंटरनेट एवं तकनीकी माध्यमों पर आधारित हो चुकी हैं। इसका प्रभाव पर्यटन क्षेत्र पर भी गहराई से पड़ा है। परंपरागत पर्यटन व्यवस्थाओं के स्थान पर अब सोशल मीडिया और

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माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की ऑनलाइन शिक्षा के प्रति जागरूकता का तुलनात्मक अध्ययन

प्रगति त्रिपाठीरिसर्च स्कॉलरशिक्षा संकाय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालयझाँसी (उत्तर प्रदेश) शोध सारांश वर्तमान डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और ऑनलाइन शिक्षा माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। ऑनलाइन शिक्षा ने परंपरागत शिक्षण-पद्धतियों की तुलना में नए अवसर और चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं।

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भारत में केन्द्र राज्य सम्बन्ध – संघवाद का बदलता स्वरूप के सन्दर्भ में एक अध्ययन

कैलाश चन्द यादवसहायक आचार्य (राजनीति विज्ञान)राजकीय महाविद्यालय अटरू एवंशोधार्थी राजकीय महाविद्यालय, बूंदीकोटा विश्वविद्यालय, कोटा शोध सारांश यह शोध पत्र मुख्यतः भारतीय संघवाद के सैद्धान्तिक व व्यावहारिक विश्लेषण पर केन्द्रित है। शोध पत्र में संघवाद के आधारभूत सिद्धान्तों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय संघवाद के विश्लेषण का प्रयास किया गया है। साथ ही इसके बदलते स्वरुप की

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कैलाश चन्द यादवसहायक आचार्य (राजनीति विज्ञान)राजकीय महाविद्यालय अटरू एवंशोधार्थी राजकीय महाविद्यालय, बूंदीकोटा विश्वविद्यालय, कोटा शोध सारांश यह शोध पत्र मुख्यतः भारतीय संघवाद के सैद्धान्तिक व व्यावहारिक विश्लेषण पर केन्द्रित है। शोध पत्र में संघवाद के आधारभूत सिद्धान्तों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय संघवाद के विश्लेषण का प्रयास किया गया है। साथ ही इसके बदलते स्वरुप की

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जीवन दर्शन एवं मानवीय मूल्य

डॉ. सतीष कुमार सहायक प्राध्यापक (दर्शनशास्त्र)शान्ति प्रसाद जैन महाविद्यालयसासाराम, रोहतास, बिहार शोध सारांश जीवन दर्शन एवं मानवीय मूल्य भारतीय परम्परा पर आधारित है। प्रथम दृष्टया ‘अर्थ’ के रूप में जिसकी व्याख्या संत और आचार्य आदि करते हैं। दूसरा मानवीय मूल्यों में जिसका विवेचन वैदिक चिन्तन में रामायण, उपनिषद्, गीता और उपनिषद् में भी किया गया।

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जीवन दर्शन एवं मानवीय मूल्य

डॉ. सतीष कुमार सहायक प्राध्यापक (दर्शनशास्त्र)शान्ति प्रसाद जैन महाविद्यालयसासाराम, रोहतास, बिहार शोध सारांश जीवन दर्शन एवं मानवीय मूल्य भारतीय परम्परा पर आधारित है। प्रथम दृष्टया ‘अर्थ’ के रूप में जिसकी व्याख्या संत और आचार्य आदि करते हैं। दूसरा मानवीय मूल्यों में जिसका विवेचन वैदिक चिन्तन में रामायण, उपनिषद्, गीता और उपनिषद् में भी किया गया।

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