| निवेदिता शर्मा (शोधार्थी) महर्षि अरविन्द यूनिवर्सिटी जयपुर (राजस्थान) | प्रो. डॉ. सूरज शर्मा (शोध निर्देशक) महर्षि अरविन्द यूनिवर्सिटी जयपुर (राजस्थान) |
Abstract
वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है। विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर विद्यार्थियों को परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, अभिभावकों की अपेक्षाओं, कैरियर निर्माण, सामाजिक तुलना तथा भविष्य की अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों के कारण विद्यार्थियों में मानसिक तनाव एवं दुश्चिंता का स्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। सामान्य स्तर की चिंता व्यक्ति को सतर्क एवं उत्तरदायी बनाती है, किंतु जब यही चिंता अत्यधिक एवं अनियंत्रित हो जाती है तो यह विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास तथा शैक्षिक उपलब्धि पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य विद्यार्थियों की दुश्चिंता का उनके व्यक्तित्व एवं शैक्षिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करना है।
